# वो चुप रही तो लोग उसे दोषी समझ बैठे…
वो चुप रही,
तो लोगों ने समझ लिया—
दोषी है।
किसी ने उसकी ख़ामोशी को कमजोरी कहा,
किसी ने उसे उसकी गलती मान लिया।
लेकिन किसी ने ये नहीं पूछा
कि वो आखिर चुप क्यों है।
उसे पता था,
हर सवाल का जवाब देना ज़रूरी नहीं,
हर इल्ज़ाम का हिसाब देना ज़रूरी नहीं।
कुछ लड़ाइयाँ
दूसरों को हराने के लिए नहीं,
ख़ुद को बचाने के लिए लड़ी जाती हैं।
और कुछ औरतें
एक दिन समझ जाती हैं कि
अपनी सफ़ाई देते-देते
अपना सुकून खो देना
किसी जीत का नाम नहीं।
इसलिए वो चुप रही।
क्योंकि अब उसे
लोगों की राय से ज़्यादा
अपना सुकून प्यारा था।
हर ख़ामोशी कमजोरी नहीं होती,
कभी-कभी
वो एक औरत की
सबसे ख़ूबसूरत जीत होती है।
— DilSe Diaries by Pooja.K
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