" वो औरत, जो कभी अपने हिस्से में नहीं आई..." कहते हैं... हर इंसान की ज़िंदगी में एक घर होता है... जहाँ लौटकर उसे सुकून मिलता है। मैंने भी... बहुत साल पहले एक घर में कदम रखा था। लेकिन... आज तक समझ नहीं पाई... मैं घर में आई थी... या... एक ऐसी परीक्षा में, जिसकी कोई आख…