समर्पण समर्पण का मतलब सिर्फ़ किसी के आगे झुक जाना नहीं होता… कभी-कभी समर्पण का अर्थ होता है— अपने “मैं” को थोड़ा पीछे रखकर किसी रिश्ते को बचा लेना। जहाँ हर बात पर जीतने की ज़िद नहीं होती, वहाँ प्रेम धीरे-धीरे गहरा होने लगता है। समर्पण वो नहीं कि आप अपनी पहचान खो दें, अपनी ख़ुश…