# पुराना स्वेटर... और उसमें छुपी एक पुरानी याद
कुछ चीज़ें हमारी ज़िंदगी में बहुत छोटी होती हैं...
लेकिन उनसे जुड़ी यादें बहुत बड़ी।
कभी किसी पुराने कपड़े की जेब,
किसी किताब के बीच रखा कागज़,
या किसी सफ़र की बची हुई टिकट
अचानक हमें उस समय में वापस ले जाती है,
जहाँ हम शायद बहुत खुश थे।
आज की यह ओरिजिनल कविता
एक पुराने स्वेटर और उसमें मिली
एक छोटी-सी बस की टिकट के बहाने
उन्हीं भूली नहीं गई यादों की बात करती है—
"आज
सर्दियों की पहली सुबह थी।
अलमारी से
एक पुराना स्वेटर निकाला...
जेब में
हाथ डाला...
तो
एक मुड़ी हुई
बस की टिकट मिली।
उस पर
तारीख़ धुंधली थी...
लेकिन
यादें बिल्कुल साफ़।
अजीब है ना...
कपड़े
पुराने होते हैं...
सफ़र नहीं।
कुछ रास्ते
ख़त्म हो जाते हैं...
लेकिन
उन पर चलने वाले
लम्हे
कभी पुराने नहीं होते।
मैंने
स्वेटर
फिर से
तह करके रख दिया...
क्योंकि
कुछ चीज़ें
पहनने के लिए नहीं...
संभालकर रखने के लिए होती हैं।
शायद...
यादें भी।"
शायद इसीलिए हम कुछ पुरानी चीज़ों को
फेंक नहीं पाते...
क्योंकि हमें चीज़ नहीं,
उसमें छुपा अपना एक हिस्सा
संभालकर रखना होता है।
❤️ DilSe Diaries
✍️ Pooja.K
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