# चाय का आख़िरी घूँट… आज चाय का आख़िरी घूँट पीने ही वाला था… कि अचानक याद आया— पहले ये चाय कभी अकेले नहीं पीता था। एक कप मेरे हाथ में होता था, और दूसरा… किसी अपने के हाथ में। चाय के साथ बातें होती थीं। कभी हँसी होती थी, कभी छोटी-सी नोकझोंक, और कभी ऐसी ख़ामोशी जिसमें भी बहुत कु…