कई बार हम अपनी ज़िंदगी दूसरों की उम्मीदों को पूरा करने में बिता देते हैं। लेकिन एक दिन आईना हमें वो सवाल पूछता है, जिसका जवाब हमारे पास नहीं होता। यह छोटी-सी मौलिक कहानी उसी एहसास को शब्द देती है। आज आईने के सामने खड़ा था... सोचा, दुनिया ने मेरे साथ क्या किया? फिर अचानक एक सवा…