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वो चुप रही तो लोग उसे दोषी समझ बैठे… | Heart Touching Hindi Poetry

# वो चुप रही तो लोग उसे दोषी समझ बैठे… वो चुप रही, तो लोगों ने समझ लिया— दोषी है। किसी ने उसकी ख़ामोशी को कमजोरी कहा, किसी ने उसे उसकी गलती मान लिया। लेकिन किसी ने ये नहीं पूछा कि वो आखिर चुप क्यों है। उसे पता था, हर सवाल का जवाब देना ज़रूरी नहीं, हर इल्ज़ाम का हिसाब देना ज़रू…

औरत को देखने से पहले समझना सीखो — समाज के बनाए चरित्र के फैसलों पर एक कविता

# औरत को देखने से पहले समझना सीखो उसने ज़िंदगी भर अपना घर बनाया, रिश्ते संभाले, खुद को कई बार पीछे रखा और अपनों के लिए अपनी खुशियाँ तक छोड़ दीं। फिर भी लोगों ने उसके चरित्र का फैसला उसकी दीवारों से नहीं, उसकी खिड़कियों से देख लिया। यही समाज की सबसे अजीब विडंबना है। किसी औरत की…