समर्पण समर्पण का मतलब सिर्फ़ किसी के आगे झुक जाना नहीं होता… कभी-कभी समर्पण का अर्थ होता है— अपने “मैं” को थोड़ा पीछे रखकर किसी रिश्ते को बचा लेना। जहाँ हर बात पर जीतने की ज़िद नहीं होती, वहाँ प्रेम धीरे-धीरे गहरा होने लगता है। समर्पण वो नहीं कि आप अपनी पहचान खो दें, अपनी ख़ुश…
❤️ पापा पापा को समझना हो तो उनकी बातों से ज़्यादा उनकी ख़ामोश मेहनत देखना… माँ की तरह वो हर दर्द पर प्यार नहीं जताते, कई बार तो दर्द पूछने पर भी बस इतना कहते हैं— “कुछ नहीं हुआ।” बचपन में लगता था, पापा बस डाँटते हैं… बड़े होकर समझ आया— उनकी हर डाँट के पीछे एक डर छुपा था, कि क…
एक साड़ी… औरत की ताक़त जिसे दुनिया ने सिर्फ़ एक साड़ी समझा, मुसीबत की उस घड़ी में वही किसी की ज़िंदगी का सहारा बनी। जिस हाथ में चूड़ियाँ खनकती हैं, वही हाथ ज़रूरत पड़े तो किसी को किनारे तक पहुँचा सकता है। औरत को कमज़ोर समझने वालों, इतना याद रखना— वो सिर्फ़ घर सँभालना नहीं जानत…
# चाय का आख़िरी घूँट… आज चाय का आख़िरी घूँट पीने ही वाला था… कि अचानक याद आया— पहले ये चाय कभी अकेले नहीं पीता था। एक कप मेरे हाथ में होता था, और दूसरा… किसी अपने के हाथ में। चाय के साथ बातें होती थीं। कभी हँसी होती थी, कभी छोटी-सी नोकझोंक, और कभी ऐसी ख़ामोशी जिसमें भी बहुत कु…
# प्लेटफ़ॉर्म नंबर… | ट्रेनें समय पर चली जाती हैं, इंसान नहीं प्लेटफ़ॉर्म नंबर… 🚉 आज ट्रेन समय पर थी। लोग अपनों से मिलने की जल्दी में थे। कुछ हँस रहे थे… कुछ हाथ हिला रहे थे। कुछ की आँखों में मिलने की खुशी थी, तो कुछ के चेहरे पर बिछड़ने का डर। मैं भी वहीं खड़ा था… लेकिन मुझे …
# आज दिल ने कहा… उसे भी आज़ाद कर देते हैं आज दिल ❤️ ने कहा… चलो उसे भी आज़ाद कर देते हैं, जिसे हर रोज़ याद करके हम खुद क़ैद हो जाते हैं। मैंने मुस्कुराकर पूछा— अगर याद ही छोड़ दूँ, तो मोहब्बत कहाँ रहेगी? दिल कुछ देर ख़ामोश रहा… फिर धीरे से बोला— कुछ लोग साथ नहीं रहते, लेकिन अच…
# खाली कुर्सी… कुछ इंतज़ार कभी खत्म नहीं होते 🪑 खाली कुर्सी… आज ऑफिस से लौटकर मैंने आदत से दो कप चाय बनाई। एक कप अपने लिए… और दूसरा उसके लिए। फिर अचानक नज़र सामने रखी उस खाली कुर्सी पर ठहर गई। कुछ पल के लिए ऐसा लगा जैसे वो अभी आएगा… कुर्सी खींचकर बैठेगा, मेरी तरफ देखकर मुस्कु…
# बाबा कभी नहीं छोड़ते ❤️🙏 बाबा… ❤️ जब दुनिया से हारकर कोई आपके दर पर आता है, बाबा… वो खाली हाथ नहीं लौटता। किस्मत बदले या न बदले, हालात सुधरें या न सुधरें, पर आपके नाम से दिल को हिम्मत ज़रूर मिल जाती है। हम क्या माँगें आपसे, आप तो बिना माँगे भी दिल का हाल जान लेते हैं… कभी ह…
# ये चेहरा सिर्फ़ चेहरा नहीं… कई ख़ामोश कहानियाँ रखता है कुछ चेहरे सिर्फ़ चेहरे नहीं होते… उनके पीछे कई ख़ामोश कहानियाँ होती हैं। हँसती हूँ तो लोग समझते हैं, शायद ज़िंदगी आसान है। मगर कौन समझे— कुछ मुस्कानें भी बहुत कुछ छुपाती हैं। कभी हम मुस्कुराकर अपना दर्द छुपा लेते हैं, कभ…
# खामोशी ने जवाब दिया… जब शब्द दिल तक नहीं पहुँचते खामोशी ने जवाब दिया… ❤️ मैंने खामोशी से पूछा— तुम इतनी भारी क्यों होती हो? वो कुछ पल चुप रही… फिर धीरे से बोली— जब शब्द दिल तक नहीं पहुँच पाते, तो मैं उनकी जगह रहने आ जाती हूँ। मैंने फिर पूछा— लेकिन लोग तुम्हें कमज़ोरी क्यों स…
# कुछ दिन गुज़र जाते हैं, कुछ दिन ज़िंदगी बन जाते हैं कैलेंडर हँस पड़ा… आज कैलेंडर हँस पड़ा, तुम हर दिन बदलते हो… फिर भी कुछ तारीख़ों पर रुक जाते हो। मैंने कहा— कुछ दिन गुज़र जाते हैं, लेकिन कुछ दिन ज़िंदगी बन जाते हैं। कैलेंडर के पन्ने बदलते रहते हैं। आज की तारीख़ कल पुरानी ह…
# कुछ लोग रास्तों में नहीं मिलते… दुआओं में रहने लगते हैं हवा ने आज छूकर पूछा— किसे ढूँढ रहे हो? मैंने कहा— जिसे अब कहीं नहीं मिलना। हवा कुछ पल ख़ामोश रही… फिर धीरे से मुस्कुराकर बोली— कुछ लोग रास्तों में नहीं मिलते, वो दुआओं में रहने लगते हैं। मैंने पूछा— लेकिन जब उनकी बहुत य…
# Dear Self… खुद को भी चुनना सीखो Dear Self… ❤️ आज किसी को खुश करने की कोशिश मत करना। पहले खुद से पूछना— तुम कैसी हो? क्योंकि कभी-कभी हम दूसरों की ख़ुशी का इतना ख़याल रखने लगते हैं कि अपने ही दिल की आवाज़ सुनना भूल जाते हैं। किसी के लिए समय निकालना, किसी की परेशानी समझना, किसी…
# कुछ लोग वापस नहीं आते, उनकी यादें लौट आती हैं आज बारिश नहीं हुई थी… फिर भी मिट्टी की हल्की-सी खुशबू आई और मैं अचानक रुक गया। पता नहीं क्यों, उस खुशबू में कुछ जाना-पहचाना-सा था। कुछ खुशबुएँ शायद मौसम की नहीं होतीं, वे किसी पुराने समय की होती हैं। एक पल के लिए लगा— जैसे ज़िंदग…
कुछ रिश्ते दरवाज़े जैसे होते हैं कुछ रिश्ते दरवाज़े जैसे होते हैं— सामने से अपने लगते हैं, मगर जैसे ही भीतर जाओ, पता चलता है— दरवाज़ा खुला था, दिल नहीं। ज़िंदगी में हम कई रिश्तों को सिर्फ़ इसलिए अपना मान लेते हैं क्योंकि उनके दरवाज़े हमारे लिए खुले होते हैं। बात करने की जगह हो…
# इस बार राखी नहीं बाँध पाऊँगी… रक्षाबंधन सिर्फ़ एक त्योहार नहीं है। यह उन यादों का दिन है, जब भाई की कलाई पर बँधा एक छोटा-सा धागा बहन के पूरे प्यार को अपने भीतर समेट लेता है। लेकिन हर साल ऐसा नहीं होता कि भाई-बहन एक-दूसरे के पास हों। कभी पढ़ाई दूरी बना देती है, कभी नौकरी, कभी…
# वो चुप रही तो लोग उसे दोषी समझ बैठे… वो चुप रही, तो लोगों ने समझ लिया— दोषी है। किसी ने उसकी ख़ामोशी को कमजोरी कहा, किसी ने उसे उसकी गलती मान लिया। लेकिन किसी ने ये नहीं पूछा कि वो आखिर चुप क्यों है। उसे पता था, हर सवाल का जवाब देना ज़रूरी नहीं, हर इल्ज़ाम का हिसाब देना ज़रू…
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Ha mujhe aaj bhi yaad hai wo pal, Jab tumne mujhe dekha tha, Ha mujhe aaj bhi yaad hai wo pal, Jab tumen mujhe girna se roka tha, Ha m...
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बेटी के बिना अधूरी है ज़िंदगानी फिर उसकी आँखों में क्यों बरसता है पानी, चाहके भी कोई न समझ सके उसकी जुबानी इतनी निराली है बेटियों की कहानी।...