# जहाँ अपने ही पराए लगें… वहाँ घर याद आता है रिश्ते हमेशा शब्दों से नहीं टूटते। कभी-कभी उनका बदलता हुआ व्यवहार ही बहुत कुछ कह देता है। हम किसी अपने के घर प्यार और अपनापन लेकर जाते हैं, लेकिन वहाँ कुछ ऐसी ख़ामोशियाँ मिलती हैं जिनका कोई जवाब नहीं होता। सबसे ज़्यादा तकलीफ़ तब होत…