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प्लेटफ़ॉर्म नंबर… | ट्रेनें समय पर चली जाती हैं, इंसान नहीं | Heart Touching Hindi Poetry

# प्लेटफ़ॉर्म नंबर… | ट्रेनें समय पर चली जाती हैं, इंसान नहीं प्लेटफ़ॉर्म नंबर… 🚉 आज ट्रेन समय पर थी। लोग अपनों से मिलने की जल्दी में थे। कुछ हँस रहे थे… कुछ हाथ हिला रहे थे। कुछ की आँखों में मिलने की खुशी थी, तो कुछ के चेहरे पर बिछड़ने का डर। मैं भी वहीं खड़ा था… लेकिन मुझे …

कुछ लोग वापस नहीं आते, उनकी यादें लौट आती हैं — मिट्टी की खुशबू पर एक भावुक कविता

# कुछ लोग वापस नहीं आते, उनकी यादें लौट आती हैं आज बारिश नहीं हुई थी… फिर भी मिट्टी की हल्की-सी खुशबू आई और मैं अचानक रुक गया। पता नहीं क्यों, उस खुशबू में कुछ जाना-पहचाना-सा था। कुछ खुशबुएँ शायद मौसम की नहीं होतीं, वे किसी पुराने समय की होती हैं। एक पल के लिए लगा— जैसे ज़िंदग…

कुछ रिश्ते दरवाज़े जैसे होते हैं — दरवाज़ा खुला था, दिल नहीं

कुछ रिश्ते दरवाज़े जैसे होते हैं कुछ रिश्ते दरवाज़े जैसे होते हैं— सामने से अपने लगते हैं, मगर जैसे ही भीतर जाओ, पता चलता है— दरवाज़ा खुला था, दिल नहीं। ज़िंदगी में हम कई रिश्तों को सिर्फ़ इसलिए अपना मान लेते हैं क्योंकि उनके दरवाज़े हमारे लिए खुले होते हैं। बात करने की जगह हो…

रिश्ते खून से नहीं, व्यवहार से अपने लगते हैं | Heart Touching Hindi Poetry

# रिश्ते खून से नहीं, व्यवहार से अपने लगते हैं पास बैठो तो किसी को खलने लगते हो, चुप रहो तो किसी को बदलने लगते हो। हर बात सोचकर कहो, फिर भी किसी के दिल में चुभने लगते हो। तब समझ आता है— रिश्ते खून से नहीं, व्यवहार से अपने लगते हैं। कुछ रिश्ते नाम के बहुत करीब होते हैं, लेकिन उ…

सबको समझते-समझते खुद को समझ आया—मुझे भी मेरी ज़रूरत है | Heart Touching Hindi Poetry

# सबको समझते-समझते खुद को समझ आया—मुझे भी मेरी ज़रूरत है सबको समझते-समझते एक दिन ख़ुद को समझ आया— मुझे भी मेरी ज़रूरत है। कितनी अजीब बात है ना, हम दूसरों की ख़ामोशी तक पढ़ लेते हैं, उनके चेहरे की उदासी समझ लेते हैं, उनकी छोटी-सी परेशानी को भी अपनी चिंता बना लेते हैं। लेकिन उसी…

औरत को देखने से पहले समझना सीखो — समाज के बनाए चरित्र के फैसलों पर एक कविता

# औरत को देखने से पहले समझना सीखो उसने ज़िंदगी भर अपना घर बनाया, रिश्ते संभाले, खुद को कई बार पीछे रखा और अपनों के लिए अपनी खुशियाँ तक छोड़ दीं। फिर भी लोगों ने उसके चरित्र का फैसला उसकी दीवारों से नहीं, उसकी खिड़कियों से देख लिया। यही समाज की सबसे अजीब विडंबना है। किसी औरत की…

दूसरों को खुश करते-करते खुद को खो दिया | Self Love Hindi Story | DilSe Diaries

कई बार हम अपनी ज़िंदगी दूसरों की उम्मीदों को पूरा करने में बिता देते हैं। लेकिन एक दिन आईना हमें वो सवाल पूछता है, जिसका जवाब हमारे पास नहीं होता। यह छोटी-सी मौलिक कहानी उसी एहसास को शब्द देती है। आज आईने के सामने खड़ा था... सोचा, दुनिया ने मेरे साथ क्या किया? फिर अचानक एक सवा…