# बारिश के बाद मिला एक छोटा-सा संदेश… “घर”
कुछ कहानियाँ बड़ी घटनाओं से नहीं बनतीं।
कभी-कभी एक बारिश,
एक खाली सड़क
और पानी में बहता हुआ
एक छोटा-सा कागज़ का नाव
पूरी कहानी कह जाता है।
बारिश रुक चुकी थी।
सड़क पर पानी था...
लेकिन आसमान बिल्कुल साफ़।
मैंने सोचा—
शायद हर तूफ़ान के बाद
आसमान ऐसा ही हो जाता होगा।
तभी एक छोटा-सा कागज़ का नाव
धीरे-धीरे मेरे पास से गुज़रा।
मैंने उसे उठाया।
उस पर टेढ़े-मेढ़े अक्षरों में
सिर्फ़ एक शब्द लिखा था—
"घर।"
मैं बहुत देर तक
उस एक शब्द को देखता रहा।
इतना छोटा-सा शब्द...
लेकिन जाने क्यों
उसमें पूरी ज़िंदगी छिपी हुई लगी।
फिर समझ आया—
इंसान पूरी ज़िंदगी
सिर्फ़ सफ़र नहीं ढूँढता।
वो एक ऐसी जगह ढूँढता है
जहाँ लौटकर
उसका दिल कह सके—
"अब ठीक हूँ।"
शायद इसीलिए
कुछ जगहें सिर्फ़ जगह नहीं होतीं।
कुछ जगहें
हमारे भीतर का
एक शांत कोना बन जाती हैं।
जहाँ दुनिया की सारी आवाज़ें
कुछ देर के लिए थम जाती हैं...
और मन बस इतना कहता है—
"यहीं रहना है।"
❤️ DilSe Diaries
✍️ Pooja.K
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