# प्लेटफ़ॉर्म नंबर… | ट्रेनें समय पर चली जाती हैं, इंसान नहीं प्लेटफ़ॉर्म नंबर… 🚉 आज ट्रेन समय पर थी। लोग अपनों से मिलने की जल्दी में थे। कुछ हँस रहे थे… कुछ हाथ हिला रहे थे। कुछ की आँखों में मिलने की खुशी थी, तो कुछ के चेहरे पर बिछड़ने का डर। मैं भी वहीं खड़ा था… लेकिन मुझे …
# आज दिल ने कहा… उसे भी आज़ाद कर देते हैं आज दिल ❤️ ने कहा… चलो उसे भी आज़ाद कर देते हैं, जिसे हर रोज़ याद करके हम खुद क़ैद हो जाते हैं। मैंने मुस्कुराकर पूछा— अगर याद ही छोड़ दूँ, तो मोहब्बत कहाँ रहेगी? दिल कुछ देर ख़ामोश रहा… फिर धीरे से बोला— कुछ लोग साथ नहीं रहते, लेकिन अच…
# खाली कुर्सी… कुछ इंतज़ार कभी खत्म नहीं होते 🪑 खाली कुर्सी… आज ऑफिस से लौटकर मैंने आदत से दो कप चाय बनाई। एक कप अपने लिए… और दूसरा उसके लिए। फिर अचानक नज़र सामने रखी उस खाली कुर्सी पर ठहर गई। कुछ पल के लिए ऐसा लगा जैसे वो अभी आएगा… कुर्सी खींचकर बैठेगा, मेरी तरफ देखकर मुस्कु…
# ये चेहरा सिर्फ़ चेहरा नहीं… कई ख़ामोश कहानियाँ रखता है कुछ चेहरे सिर्फ़ चेहरे नहीं होते… उनके पीछे कई ख़ामोश कहानियाँ होती हैं। हँसती हूँ तो लोग समझते हैं, शायद ज़िंदगी आसान है। मगर कौन समझे— कुछ मुस्कानें भी बहुत कुछ छुपाती हैं। कभी हम मुस्कुराकर अपना दर्द छुपा लेते हैं, कभ…
# खामोशी ने जवाब दिया… जब शब्द दिल तक नहीं पहुँचते खामोशी ने जवाब दिया… ❤️ मैंने खामोशी से पूछा— तुम इतनी भारी क्यों होती हो? वो कुछ पल चुप रही… फिर धीरे से बोली— जब शब्द दिल तक नहीं पहुँच पाते, तो मैं उनकी जगह रहने आ जाती हूँ। मैंने फिर पूछा— लेकिन लोग तुम्हें कमज़ोरी क्यों स…
# कुछ दिन गुज़र जाते हैं, कुछ दिन ज़िंदगी बन जाते हैं कैलेंडर हँस पड़ा… आज कैलेंडर हँस पड़ा, तुम हर दिन बदलते हो… फिर भी कुछ तारीख़ों पर रुक जाते हो। मैंने कहा— कुछ दिन गुज़र जाते हैं, लेकिन कुछ दिन ज़िंदगी बन जाते हैं। कैलेंडर के पन्ने बदलते रहते हैं। आज की तारीख़ कल पुरानी ह…
# कुछ लोग रास्तों में नहीं मिलते… दुआओं में रहने लगते हैं हवा ने आज छूकर पूछा— किसे ढूँढ रहे हो? मैंने कहा— जिसे अब कहीं नहीं मिलना। हवा कुछ पल ख़ामोश रही… फिर धीरे से मुस्कुराकर बोली— कुछ लोग रास्तों में नहीं मिलते, वो दुआओं में रहने लगते हैं। मैंने पूछा— लेकिन जब उनकी बहुत य…
# Dear Self… खुद को भी चुनना सीखो Dear Self… ❤️ आज किसी को खुश करने की कोशिश मत करना। पहले खुद से पूछना— तुम कैसी हो? क्योंकि कभी-कभी हम दूसरों की ख़ुशी का इतना ख़याल रखने लगते हैं कि अपने ही दिल की आवाज़ सुनना भूल जाते हैं। किसी के लिए समय निकालना, किसी की परेशानी समझना, किसी…
# वो चुप रही तो लोग उसे दोषी समझ बैठे… वो चुप रही, तो लोगों ने समझ लिया— दोषी है। किसी ने उसकी ख़ामोशी को कमजोरी कहा, किसी ने उसे उसकी गलती मान लिया। लेकिन किसी ने ये नहीं पूछा कि वो आखिर चुप क्यों है। उसे पता था, हर सवाल का जवाब देना ज़रूरी नहीं, हर इल्ज़ाम का हिसाब देना ज़रू…
# रिश्ते खून से नहीं, व्यवहार से अपने लगते हैं पास बैठो तो किसी को खलने लगते हो, चुप रहो तो किसी को बदलने लगते हो। हर बात सोचकर कहो, फिर भी किसी के दिल में चुभने लगते हो। तब समझ आता है— रिश्ते खून से नहीं, व्यवहार से अपने लगते हैं। कुछ रिश्ते नाम के बहुत करीब होते हैं, लेकिन उ…
# सबको समझते-समझते खुद को समझ आया—मुझे भी मेरी ज़रूरत है सबको समझते-समझते एक दिन ख़ुद को समझ आया— मुझे भी मेरी ज़रूरत है। कितनी अजीब बात है ना, हम दूसरों की ख़ामोशी तक पढ़ लेते हैं, उनके चेहरे की उदासी समझ लेते हैं, उनकी छोटी-सी परेशानी को भी अपनी चिंता बना लेते हैं। लेकिन उसी…
# जहाँ अपने ही पराए लगें… वहाँ घर याद आता है रिश्ते हमेशा शब्दों से नहीं टूटते। कभी-कभी उनका बदलता हुआ व्यवहार ही बहुत कुछ कह देता है। हम किसी अपने के घर प्यार और अपनापन लेकर जाते हैं, लेकिन वहाँ कुछ ऐसी ख़ामोशियाँ मिलती हैं जिनका कोई जवाब नहीं होता। सबसे ज़्यादा तकलीफ़ तब होत…
# डायरी वहीं खत्म हुई थी... या हम? कुछ पुरानी चीज़ें सिर्फ़ चीज़ें नहीं होतीं। उनमें हमारे बीते हुए दिनों की आवाज़, कुछ अधूरे वादे और कुछ ऐसे लोग छुपे होते हैं जिन्हें हम पीछे छोड़ आए होते हैं। कभी-कभी अलमारी साफ़ करते हुए हमें कोई पुरानी डायरी मिल जाती है... और उसके साथ एक ऐस…
# बारिश के बाद मिला एक छोटा-सा संदेश… “घर” कुछ कहानियाँ बड़ी घटनाओं से नहीं बनतीं। कभी-कभी एक बारिश, एक खाली सड़क और पानी में बहता हुआ एक छोटा-सा कागज़ का नाव पूरी कहानी कह जाता है। बारिश रुक चुकी थी। सड़क पर पानी था... लेकिन आसमान बिल्कुल साफ़। मैंने सोचा— शायद हर तूफ़ान के ब…
# कुछ लोग चैट से निकल जाते हैं, यादों से नहीं... कभी-कभी हम किसी पुराने इंसान को याद करने के लिए उसकी तस्वीर नहीं देखते... बस उसकी पुरानी चैट खोल लेते हैं। वहाँ कुछ नया नहीं होता, फिर भी दिल जाने क्यों बहुत कुछ पढ़ लेता है। एक नाम... एक पुराना Last Seen... और उन दिनों की पूरी …
# पुराना स्वेटर... और उसमें छुपी एक पुरानी याद कुछ चीज़ें हमारी ज़िंदगी में बहुत छोटी होती हैं... लेकिन उनसे जुड़ी यादें बहुत बड़ी। कभी किसी पुराने कपड़े की जेब, किसी किताब के बीच रखा कागज़, या किसी सफ़र की बची हुई टिकट अचानक हमें उस समय में वापस ले जाती है, जहाँ हम शायद बहुत …
# रात ने धीरे से पूछा... तुम अब तक जाग क्यों रहे हो? रात का सन्नाटा कभी-कभी हमारे भीतर छुपी उन बातों को आवाज़ दे देता है, जिन्हें दिन की भागदौड़ में हम अनसुना कर देते हैं। कुछ यादें ऐसी होती हैं जिन्हें हम भूलने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन दिल उन्हें जाने नहीं देता। आज की यह ओ…
# आज बारिश चुप थी... बारिश हमेशा सिर्फ़ मौसम नहीं होती। कभी-कभी कुछ बूँदें बाहर गिरती हैं, और कुछ भीतर। कभी किसी पुरानी याद की तरह, बारिश भी बिना बताए आ जाती है... और हमें कुछ ऐसे एहसासों के सामने खड़ा कर देती है, जिन्हें हम समझते थे कि पीछे छोड़ आए हैं। आज की यह ओरिजिनल सिनेम…
# अब कोई मैसेज आना नहीं था... कुछ इंतज़ार समय के साथ खत्म नहीं होते। वे बस अपना रूप बदल लेते हैं। एक दिन खिड़की खुली रह जाती है। हवा कमरे में आती रहती है। टेबल पर रखी चाय ठंडी हो जाती है। फोन घंटों से Silent पड़ा रहता है। फिर भी हाथ बार-बार उसी स्क्रीन तक पहुँच जाता है जहाँ अब कोई मैसेज आ…
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- Pooja Kushal
- Dil Ki Baat is now Dil Se Diaries by Pooja.K. Naam badla hai... Lekin har ehsaas, har yaad, har likha hua lafz... wahi hai.
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बदुआ होती है उन बेटी की नसीब, जिसके नसीब मैं मायके की रोटी लिखी होती है। अपना घर होते हुए भी बेघर होती है बेटी, जिनके नसीब मायके...
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Ha mujhe aaj bhi yaad hai wo pal, Jab tumne mujhe dekha tha, Ha mujhe aaj bhi yaad hai wo pal, Jab tumen mujhe girna se roka tha, Ha m...
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# ये चेहरा सिर्फ़ चेहरा नहीं… कई ख़ामोश कहानियाँ रखता है कुछ चेहरे सिर्फ़ चेहरे नहीं होते… उनके पीछे कई ख़ामोश कहानियाँ होती हैं...
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बेटी के बिना अधूरी है ज़िंदगानी फिर उसकी आँखों में क्यों बरसता है पानी, चाहके भी कोई न समझ सके उसकी जुबानी इतनी निराली है बेटियों की कहानी।...