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चाय का आख़िरी घूँट… | Heart Touching Hindi Poetry on Memories



# चाय का आख़िरी घूँट…

आज चाय का आख़िरी घूँट
पीने ही वाला था…

कि अचानक याद आया—
पहले ये चाय
कभी अकेले नहीं पीता था।

एक कप मेरे हाथ में होता था,
और दूसरा…
किसी अपने के हाथ में।

चाय के साथ
बातें होती थीं।

कभी हँसी होती थी,
कभी छोटी-सी नोकझोंक,
और कभी ऐसी ख़ामोशी
जिसमें भी बहुत कुछ कह दिया जाता था।

पता ही नहीं चलता था
कि चाय कब ठंडी हो गई।

लेकिन आज…

दो कप नहीं थे।

बस एक कप था,
एक कुर्सी थी,
और बहुत सारी यादें थीं।

मैंने चाय का एक घूँट लिया
और अचानक लगा—
चाय आज भी वही है,
बस उसे पीने वाला
कोई अपना नहीं है।

शायद इसी लिए
आज चाय जल्दी ठंडी हो गई।

या शायद…

कुछ चीज़ें वक़्त से नहीं,
यादों से ठंडी होती हैं।

कुछ लोग हमारी ज़िंदगी से
दूर चले जाते हैं।

उनके साथ बैठना,
उनसे बातें करना,
उनके साथ चाय पीना—
सब पीछे छूट जाता है।

लेकिन अजीब बात है…

उनकी जगह
हमारी रोज़मर्रा की छोटी-छोटी चीज़ों में
आज भी बनी रहती है।

कभी किसी खाली कुर्सी को देखकर,
कभी किसी पुराने गाने पर,
कभी किसी ख़ुशबू में,
और कभी…

चाय के आख़िरी घूँट में।

तब समझ आता है—

रिश्ते हमेशा
साथ रहने से ज़िंदा नहीं रहते।

कुछ रिश्ते
दूर होकर भी
हमारी आदतों में ज़िंदा रहते हैं।

आज भी चाय का कप
हाथ में आता है,
मगर दिल अनजाने में
उस दूसरे कप को ढूँढता है…

जो अब सिर्फ़ यादों में रखा है।

शायद कुछ लोग
हमारी ज़िंदगी से चले जाते हैं,

मगर हमारी चाय से,
हमारी शामों से,
और हमारी यादों से
कभी नहीं जाते। ❤️

— Dilse Diaries ✍️ Pooja.K


Dil Ki Baat is now Dil Se Diaries by Pooja.K. Naam badla hai... Lekin har ehsaas, har yaad, har likha hua lafz... wahi hai.

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