# कुछ लोग रास्तों में नहीं मिलते… दुआओं में रहने लगते हैं
हवा ने आज छूकर पूछा—
किसे ढूँढ रहे हो?
मैंने कहा—
जिसे अब कहीं नहीं मिलना।
हवा कुछ पल ख़ामोश रही…
फिर धीरे से मुस्कुराकर बोली—
कुछ लोग रास्तों में नहीं मिलते,
वो दुआओं में रहने लगते हैं।
मैंने पूछा—
लेकिन जब उनकी बहुत याद आए,
तब क्या करें?
हवा ने कहा—
आँखें बंद करके
उन्हें महसूस कर लेना…
क्योंकि कुछ रिश्तों को
पास रहने की ज़रूरत नहीं होती।
वो दूर होकर भी
दिल के सबसे करीब रहते हैं।
उनकी आवाज़ सुनाई नहीं देती,
मगर उनकी बातें याद रहती हैं।
उनका हाथ थाम नहीं सकते,
मगर उनकी याद
हौसला देती रहती है।
और कभी-कभी…
एक ठंडी हवा का झोंका
बिना कुछ कहे
उनकी मौजूदगी का एहसास करा जाता है।
शायद इसलिए
कुछ लोग चले जाने के बाद भी
कभी जाते नहीं।
वो हमारी यादों में,
हमारी बातों में,
और सबसे ज़्यादा…
हमारी दुआओं में
ज़िंदा रहते हैं। ❤️
क्योंकि मोहब्बत की सबसे खूबसूरत बात यही है—
इंसान दूर हो सकता है,
रिश्ता दूर नहीं होता।
कुछ लोग
रास्तों में नहीं मिलते…
वो दुआओं में रहने लगते हैं। ❤️
— Dilse Diaries ✍️ Pooja.K
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