# कुछ लोग वापस नहीं आते, उनकी यादें लौट आती हैं
आज बारिश नहीं हुई थी…
फिर भी मिट्टी की हल्की-सी खुशबू आई
और मैं अचानक रुक गया।
पता नहीं क्यों,
उस खुशबू में कुछ जाना-पहचाना-सा था।
कुछ खुशबुएँ शायद मौसम की नहीं होतीं,
वे किसी पुराने समय की होती हैं।
एक पल के लिए लगा—
जैसे ज़िंदगी कुछ पल के लिए
पीछे लौट गई हो।
वही रास्ता…
वही हँसी…
वही बेफ़िक्र दिन…
वही लोग,
जिनके साथ वक़्त का पता ही नहीं चलता था।
सब कुछ अचानक इतना अपना लगा
कि मैं भूल गया कि वो समय
कब का पीछे छूट चुका है।
फिर मैंने आँखें खोलीं।
सामने वही आज था,
वही रास्ता था,
वही दुनिया थी…
बस वो लोग नहीं थे।
खुशबू भी कुछ देर बाद चली गई।
और तब समझ आया—
कुछ लोग वापस नहीं आते,
लेकिन उनकी याद
किसी न किसी ख़ुशी में
हमेशा अपना घर बना लेती है।
कभी किसी गाने में,
कभी किसी रास्ते पर,
कभी किसी तस्वीर में…
और कभी
बिना बारिश के आई
मिट्टी की एक हल्की-सी खुशबू में।
शायद यादों की यही खूबसूरती है—
वे हमें वापस उस इंसान के पास नहीं ले जातीं,
लेकिन कुछ पल के लिए
उस एहसास के पास ज़रूर ले जाती हैं
जहाँ हम कभी बहुत खुश हुआ करते थे।
— Dilse Diaries ✍️ Pooja.K
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