कई बार हम अपनी ज़िंदगी दूसरों की उम्मीदों को पूरा करने में बिता देते हैं।
लेकिन एक दिन आईना हमें वो सवाल पूछता है,
जिसका जवाब हमारे पास नहीं होता।
यह छोटी-सी मौलिक कहानी उसी एहसास को शब्द देती है।
आज आईने के सामने खड़ा था...
सोचा, दुनिया ने मेरे साथ क्या किया?
फिर अचानक एक सवाल आया...
मैंने खुद के साथ क्या किया?
दूसरों को खुश करने में... अपनी पसंद छोड़ दी।
सबकी उम्मीदें निभाने में... अपने सपने पीछे छोड़ दिए।
सबको समझते-समझते... खुद को समझना भूल गया।
शायद...
ज़िंदगी की सबसे बड़ी हार,
दूसरों से हारना नहीं होती...
खुद से दूर हो जाना होती है।
❤️ DilSe Diaries ✍️ Pooja.K
❤️ अगर इस कहानी ने आपको खुद से मिलने की याद दिलाई हो, तो इसे किसी अपने के साथ ज़रूर साझा करें।
You may also like:
Comments
Post a Comment