मोहब्बत में सबसे बड़ा दर्द हमेशा जुदाई नहीं होती। कई बार रिश्ता खत्म होने से पहले ही अपना हक़ खत्म हो जाता है। यही एहसास इस भावनात्मक लेख का आधार है।
लोग कहते हैं...
जिसे जाना होता है...
वो चला ही जाता है।
शायद...
बात इतनी-सी होती...
तो दर्द भी कम होता।
असल तकलीफ़...
किसी के चले जाने की नहीं होती...
तकलीफ़ तो तब होती है...
जब वही इंसान...
जो कभी बिना वजह तुम्हें हँसाने के बहाने ढूँढता था...
एक दिन...
तुम्हारी ख़ामोशी का भी जवाब देना छोड़ देता है।
फिर...
तुम उसे भूलने की कोशिश नहीं करते...
बस...
अपने ही दिल को रोज़ समझाते हो कि...
"अब उसे याद करने का भी कोई हक़ नहीं रहा..."
और यक़ीन मानो...
मोहब्बत की सबसे दर्दनाक जगह...
जुदाई नहीं होती...
हक़ खो देना होता है।
❤️ DilSe Diaries
✍️ Pooja.K
रिश्ते सिर्फ़ दूरियों से नहीं टूटते,
कई बार अपना हक़ खो देने का एहसास ही सबसे गहरा दर्द बन जाता है।
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