हर रिश्ता धोखे से नहीं टूटता।
कुछ रिश्ते तब टूटते हैं,
जब प्यार एक तरफ़ रह जाता है
और ज़रूरत दूसरी तरफ़।
यह मौलिक हिंदी कविता उन्हीं अनकहे एहसासों को समर्पित है,
जो शब्दों से ज़्यादा ख़ामोशियों में जीते हैं।
रिश्ते खत्म होने से इंसान नहीं टूटता...
टूटता तब है...
जब उसे एहसास होता है कि,
जिसे उसने अपनी दुआओं में रखा...
उसने उसे अपनी ज़रूरतों में भी नहीं रखा।
फिर भी...
कुछ लोग बद्दुआ नहीं देते...
बस चुप हो जाते हैं।
और...
कुछ ख़ामोशियाँ,
हज़ार शिकायतों से ज़्यादा शोर करती हैं।
❤️ DilSe Diaries ✍️ Pooja.K
❤️ अगर इन शब्दों ने आपके दिल को छुआ हो, तो इन्हें अपने किसी अपने के साथ ज़रूर साझा करें।
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