हर किसी के जीवन में एक ऐसा समय आता है जब उसे अपना बचपन याद आने लगता है।
उस समय रोना आसान था...
और मुस्कुराना भी सच्चा था।
लेकिन बड़े होने के बाद...
हम दर्द छुपाना सीख जाते हैं।
आज अचानक बचपन की एक बात याद आई...
तब खिलौने टूटते थे...
तो रो लेते थे।
आज रिश्ते टूटते हैं...
और मुस्कुरा देते हैं।
शायद...
बड़े होने का मतलब यही है...
आँसू छुपाना सीख जाना।
❤️ DilSe Diaries
✍️ Pooja.K
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कई बार एक छोटी-सी बात भी किसी का दिन बेहतर बना सकती है।
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