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नयी सोच

हम एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए इतनी तैयारी करते है पर एक जहान से दूसरे जहान जाने के लिए कोई और तैयारी करता है दूसरे शहर जाने के लिए ज्यादा धन की जरुरत होती है और दूसरे जहान जाने के लिए ज़्यादा अच्छे कर्म की अच्छे कर्म बनाये धन तो अपने आप ही आ जायेंगे। पीहू। दिल की बात

एक सफर

एक सफर का साथी वो था आज के सफर का साथी कोई नहीं मेरे जीवन का लाठी वो था आज का लाठी कोई नहीं माँगा क्या था तुझसे सिर्फ तेरे साथ के अलावा तू वो भी न दे सका तो कोई और शौक नहीं एक सफर का साथी वो था आज के सफर का कोई नहीं सही कहा था किसी ने की अपनों मै ही  दगाबाज़ मिलें…

ख़ुशी

अजब सी एक ख़ुशी मेरे चेहरे पे छाई है पता नहीं किसकी घटा इन आँखों मै छाई है कोई तो है जो उतर सा गया है मेरे सीने मै यह बारिश का मौसम युहीं नहीं आयी है। पीहू। दिल की बात

सुन मेरा पासवर्ड

सुन मेरा पासवर्ड आज भी तेरे पासवर्ड से मिलता जुलता है तेरा लम्बर्गिनी आज भी मेरे कानो मै गूँजता रहता है तेरे गरबे का वो स्टेप आज भी याद है मुझे इन येलो (पीला ) कुरता जो पहनके मुझे घूरता रहता है सुन मेरा पासवर्ड आज भी तेरे पासवर्ड से मिलता जुलता है  मेरे हाथो का कलर तेरे …

तुझे याद

सुन तुझे याद कर रही हु अपने इश्क़ मै किसी को बरबाद कर रही हु जो तूने किया साथ मेरे वो मै आज उसके साथ कर रही हु खुद को कर बरबाद तुझपे आज भी जान निशार कर रही हु सुन तुझे याद कर रही हु औरो की मोहब्बत को आज बेबुनियाद कर रही हु जो पाके भी न मिला उसपे अपनी ख़ुशी कुर्बान कर रही हु सुन न…

बुँदे

यह बारिश की बुँदे मुझसे कुछ कह रही है शायद तुझे यार कर रहा है फिर यह दिल मेरा या फ़रियाद कर रहा है दिल यह तेरा अरे सुनो ना यह बूंदो की बात यह तुमसे कुछ कह रहा है यह आसमा मै सपने सजो रहा है अरे सुनो  न इन बूंदो को कितने धीमे से सुर बना रहा है कितने प्यार से राग सजा रहा है एकदम ह…

बदल गए

साल बदल गए   मेरे प्यार बदल गए   देखा था जिस चाँद को   आज वो यार बदल गए   बाहों मै गुजारी थी कभी   शाम हमने   आज वो मेरी राह बदल गए   कभी करते थे मेरा इंतज़ार वो उस मोड़ पर   देखो ना आज वो चाह बदल गए   बदल गए तुम हर बेवफा की …

सिलसिला

चाहतों का सिलसिला युही चलता रहा  सिर्फ तू बदलता रहा  सिर्फ तू बदलता रहा  मिन्नतों के बाद भी यह सावन की बुँदे हमपे ना गिरी  पर तू हमपे बरसता गया  पर तू हमपे बरसता गया  शिकायत ऐसी भी क्या थी मुझसे तुम्हे  की गैरो की तरह नज़र चूरा लिए  क़तल कर दिया मोहब्बत का मेरे  और दिल को रुक्…