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आज भी फोन की गैलरी में उसका नाम है | दर्द भरी हिंदी शायरी

कुछ नाम कभी जिंदगी से नहीं जाते। यह ओरिजिनल हिंदी शायरी अधूरे प्यार, यादों और खामोश एहसासों को दिल से बयां करती है।

कुछ रिश्ते कभी खत्म नहीं होते | Original Hindi Emotional Poetry

कभी-कभी हर दर्द शब्दों में नहीं कहा जाता। यह ओरिजिनल हिंदी इमोशनल कोट उन एहसासों को बयां करता है जिन्हें हर कोई महसूस करता है लेकिन कह नहीं पाता।

कभी-कभी चुप रहना भी सुकून देता है | Original Hindi Emotional Quote

कभी-कभी चुप रहना भी सुकून देता है... कुछ दर्द ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। हर इंसान अपनी जिंदगी में कुछ ऐसे लम्हों से गुजरता है, जहां बोलने से ज्यादा चुप रहना सुकून देने लगता है। क्योंकि हर दर्द को हर किसी के सामने रखना जरूरी नहीं होता। कुछ जख्म वक्त…

"Zakhm Ke Peechhe" — Dard.

Agar kabhi dard se gussa aa jaaye toh? Log kehte hain — tu toh badtameez ho gaya. Unko woh zakhmi dil kyon nahi dikhta, Jo is gusse ki asli wajah ban gaya? Iss dil mein kya aag lagi hai... Magar kisko hai uss jalan ka ehsaas nahi? Har saans pe taane milte hain, Jaise kam kaman…

मायके की रोटी...

बदुआ होती है उन बेटी की नसीब, जिसके नसीब मैं मायके की रोटी लिखी होती है। अपना घर होते हुए भी बेघर होती है बेटी, जिनके नसीब मायके की रोटी होती है। सबकी आंखें पढ़ लेती है वो मजबूर बेटी, जिसके गोद मैं एक बेटी होती है, बड़ी बदनसीब होती है वो बेटी, जिनके नसीब मैं मायके की रोटी होती…

"बेटी"

बेटी के बिना अधूरी है ज़िंदगानी  फिर उसकी आँखों में क्यों बरसता है पानी, चाहके भी कोई न समझ सके उसकी जुबानी  इतनी निराली है बेटियों की कहानी।  कभी बनती सीता कभी सावित्री  कभी बनके माँ सबको सहेजती , कभी रोती है आँखे छुपाके  पर खुलके जीती है ज़िंदगानी बनाके।  उसकी जिंदगी सिमट सी गयी है चार दी…

"माँ"

ममता का चादर ओढ़ के तुम आये हो जन्नत से माँ , दिल के बंधन को जोड़ के हमें बुलाये हो माँ।  हम तेरे दासी है क्यों की तू हमारी जन्नत है , हमें तो तेरी चरणों के धूल बनना है माँ।  अब चाहत है मरने के पहले भी देखूँ तुझे मै , दिल सिमट सा जाता है तेरी आँखों में झाँख के माँ।  बस यूह ही चाहना हमें अपन…

"समाजिक वर्ग"

हम एक ऐसे समाज से जुड़े है जिसमे भेद भाव ज्यादा है। छोटी सी उम्र मै किसी को समझना बहुत मुश्किल भरा रहा जैसे जैसे उम्र और जगह बदली वेसे वेसे नए लोग और उनकी नई सोच से मेरी मुलाकात होती रही। मैं इतनी तजुर्बे वाली नही हु पर जितना देखा और सुना है इससे यही पता चला है आज की जीवनशैली प्यार , इज्जत…